मवेशी प्रबंधन मीटिंग में दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सैशन आयोजित किए गए
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मवेशी प्रबंधन मीटिंग में दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सैशन आयोजित किए गए

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मुक्तसर : कारगिल फीड एंड न्यूट्रीशन ने आज मुक्तसर में फामर्स ग्रुप मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें मवेशी प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए नॉलेज शेयरिंग और एक्सपैरीमेंटल सैशन आयोजित किए गऐ । बैठक में खास तौर से तैयार की गई पोषण आधारित भैंस फीड बफमिक्स लॉन्च की। पंजाब का डेयरी उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और खपत बढ़ रही है, ऐसे में कारगिल का नया संस्करण बफमिक्स भैंस डेयरी किसानों की कम से कम 150 लीटर प्रति लैक्टेशन (लैक्टेशन में लगभग 10 फीसदी ज्यादा दूध ) ज्यादा दूध का उत्पादन करने में सहायता करता है।
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत शिंदे, टैक्नोलॉजी एप्लीकेशन मैनेजर, कारगिल फीड एंड न्यूट्रीशन ने कहा, ‘‘पशुधन की फार्मिंग अर्थव्यवस्था (विशेष रूप से पंजाब) का एक महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग है जो किसानों को आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत उपलब्ध कराता है। इस लिए बफमिक्स को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में जोड़ते हुए हम काफी खुश हैं जो किसानों की दूध उत्पादक्ता बढ़ाने में मदद करता है और 30 प्रतिशत ज्यादा आरओआई देता है। बेहतर लैक्टेशन परसिस्टेंस के लिए किसानों को ब्यांत से 3 सप्ताह पहले से शुरू कर देना चाहिए। ’’
बफमिक्स पारंपरिक रूप से इस्तेमाल सामग्री के साथ साथ अतिरिक्त विटामिन्स, खनिज और स्वाद (उत्पाद विवरण) का मिश्रण है। यह क्रंबल रुप में उपलब्ध है जिसका मौजूदा चारा सामग्री में असानी से मिश्रण हो जाता है और भैंस इसका आसानी से सेवन कर सकती है। बेहतर परिणामों के लिए किसान 175 दिनों के लिए फीड के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं (ब्यांत से पहले 25 दिन तथा ब्यांत के बाद 150 दिन)। अन्य फायदों में दूध की उच्च पैदावार और उच्च पैदावार लंबे समय तक रहना आदि शामिल हैं।
अधिकांश भैंसों में दूध की उच्च पैदावार 70 से 90 दिनों में रहती है और फिर अचानक दूध की पैदावार में गिरावट आ जाती है। आमतौर पर कहा जाता है कि उच्च पैदावार वाले दूध के हरएक किलोग्राम से समस्त लैक्टेशन के लिए 150 से 200 किलोग्राम ज्यादा दूध का अनुमान होता है । संक्रमण काल में पोषण और प्रबंधन कैसे भैंस के प्रदर्शन पर प्रभाव डालता है, इस बात को समझते हुए कारगिल फीड एंड न्यूट्रीशन ने नया उत्पाद बफमिक्स पेश किया है जो बेहतर प्रजनन की स्थिति, प्रतिरक्षा और स्वास्थय को बनाए रखने मेंं मदद करता है।
डॉ. शिंदे ने आगे कहा, ‘फुल टाइम कृषि से विपरीत डेयरी फार्मिंग अकेले आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित नहीं हो सकती। मुख्य कारण है दूध की कम पैदावार जो कि कमाई पर असर डालती है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को सूखे भूसे और हरे चारे के साथ साथ प्रत्येक भैंस को ब्यांत की तारीख से 150 दिनों तक के लिए प्रति दिन 1 किलोग्राम बफमिक्स फीड देने की जरूरत है।’
बफमिक्स में उत्कृष्ट पाचनशक्ति और अमिनो एसिड प्रोफाइल के साथ 20 प्रतिशत प्रोटीन होते हैं जो मौजूदा आहार को संतुलित करतेे हैं और दूध में अचानक गिरवट का रोकते हैं। इसमें मौजूद टॉक्सिन बाइंडर माइकोटॉक्सिन्स खासतौर से अल्फाटॉक्सिन्स के जोखिम को पूरी तरह नष्ट करने में मदद करता है जिसके परिणामस्वरूप बेहतरीन गुणवत्ता का दूध हासिल होता है।
मीडिया संपर्क: आईश्योर इमेज कंसल्टेंसी-जगमीत सिंह घुम्मन ञ्च 09914261484

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