GST (जी.एस.टी.) है क्या ?
Templates by BIGtheme NET

GST (जी.एस.टी.) है क्या ?

Must Share With Your Friends...!

जी.एस.टी. का पूरा नाम *गुड्स (वस्तु) एंड सर्विस (सेवा) टैक्स* है, जो केंद्र और राज्यों द्वारा अभी लगाए जा रहे 20 से अधिक अप्रत्यक्ष टैक्सों की जगह लेगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस बिल के पास हो जाने से टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन आसान होगा। फिलहाल भारत में गुड्स और सर्विसेज़ के लिए अदा किए जाने वाले टैक्स की दरों में काफ़ी भिन्नता है। सर्विसेज़ के लिए टैक्स की दर 15 फ़ीसदी है जबकि गुड्स के लिए टैक्स की दर अलग-अलग है।

*GST लागू होने के बाद कौन कौन से टैक्स ख़त्म हो जाएंगे ?*

GST लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे।

*कैसे वसूला जाएगा टैक्स* ?

GST लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे। पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी. दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी. कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा। इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा।

*GST से आप पर कैसे पड़ेगा असर ?*

आज एक ही चीज अलग-अलग राज्य में अलग-अलग दाम पर बिकती है। इसकी वजह है कि अलग-अलग राज्यों में उस पर लगने वाले टैक्सों की संख्या और दर अलग-अलग होती है। अब ये नहीं होगा। हर चीज पर जहां उसका निर्माण हो रहा है, वहीं GST वसूल लिया जाएगा और उसके बाद उसके लिए आगे कोई चुंगी पर, बिक्री पर या अन्य कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इससे पूरे देश में वो चीज एक ही दाम पर मिलेगी। कई राज्यों में टैक्स की दर बहुत ज्यादा है. ऐसे राज्यों में वो चीजें सस्ती होंगी।

*क्या पेट्रोल और शराब पर भी लागू होगा फैसला ?*

पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हैं। यही हाल शराब का है। GST लागू होने के बाद भी फिलहाल ऐसा जारी रहेगा। क्योंकि राज्यों की डिमांड पर केंद्र सरकार शराब को GST से बाहर रखने पर राजी हो गई है जबकि पेट्रो पदार्थों पर उसने निर्णय लिया है कि ये रहेंगे तो GST के अंदर लेकिन इन पर राज्य पहले की तरह ही टैक्स वसूलते रहेंगे। यानी पेट्रोल, डीजल और एल.पी.जी. सिलेंडर की कीमतों में राज्यों में जो फ़र्क़ देखने को मिलता है वो मिलता रहेगा।

*GST से देश को क्या फायदा होगा ?*

GST लागू होने के बाद देश की GDP ग्रोथ में तकरीबन दो फीसदी तक का उछाल आने का अनुमान है। ऐसा इस लिए होगा क्योंकि टैक्स की चोरी रुकेगी क्योंकि अभी टैक्स कई स्तरों पर वसूला जाता है, इससे हेराफेरी की, धांधली की गुजाइश ज्यादा रहती है। GST के चलते टैक्स जमा करना जब आसान होगा तो ज्यादा से ज्यादा कारोबारी टैक्स भरने में रुचि दिखाएंगे। इससे सरकार की आय बढ़ेगी. व्यापारियों को भी जब अलग-अलग टैक्सों के झंझट से मुक्ति मिलेगी तो वे भी अपना व्यापार सही से कर पाएंगे। टैक्स को लेकर विवाद भी कम होंगे. अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

*GST की दर कौन तय करेगा ?*

GST संबंधित फैसले लेने के लिए संवैधानिक संस्था जीएसटी काउंसिल का गठन किया जाएगा. जीएसटी काउंसिल में केंद्र व राज्य दोनों के प्रतिनिधि होंगे। इसके मुखिया केंद्रीय वित्त मंत्री होंगे जबकि राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य होंगे. जीएसटी काउंसिल जीएसटी की दर, टैक्स में छूट, टैक्स विवाद, टैक्स दायरे व अन्य व्यवस्थाओं पर सिफारिशें देगी |

*GST इतना फायदेमंद तो अब तक क्यों अटका हुआ था ?*

GST को लेकर राज्य सरकारें नुकसान की भरपाई पर अड़ी थीं और तमाम कोशिशों के बावजूद इसका कोई सर्वमान्य फॉर्मूला नहीं निकाला जा सका। अब सरकार ने राज्यों को नुकसान भरपाई का जो फॉर्मूला सुझाया है उस पर राज्यों ने सहमति दी

Must Share With Your Friends...!

Comments

comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*